Sumeet Sri Swar vigyan
विगत 25 वर्षों से योग का अध्ययन,अभ्यास व अध्यापन कर रहा हूँ शुरुआत में खेल की तरह खेला आसन किए शरीर लचीला व मन अहंकारी हुआ लेकिन अध्यात्म की कसक व प्यास सदैव ही थी उसकी शांति के लिए संस्कृत सीखी पड़ी व पढ़ाई
परंतु गुरु दर्शन व गुरु कृपा बिना कुछ सम्भव नहीं होता गुरु आशीर्वाद हुआ मेरे पात्र में गुरु कृपया की बूँदे पड़ी
मैं साधना में रत हुआ
योग में प्राणायाम और प्राणायाम में एक विधा स्वर विज्ञान सिद्ध हुआ पारिवारिक संस्कारों व माहोल से तंत्र सिद्ध हुआ
विदेश घूमने की इच्छा थी तो 15-20 देशों में प्रवास किया दुनिया के लगभग हर हिस्से के लोगों को सिखा...